पी ० जी ० कॉलेज मुनस्यारी के द्वारा एक दिवसीय एन ०  एस ० एस ० शिविर का आयोजन किया गया।  जिसमे पी ० जी ०   कॉलेज  मुनस्यारी से मुनस्यारी  के बस स्टैंड तक सफाई  अभियान लगाया गया , जिसमें छात्रों द्वारा बहुत ही उत्कृष्ट कार्य किया गया।
                मुनस्यारी एक बहुत ही सुन्दर जगह है।  और खुद मुनस्यारी वाले ही इसे गन्दा कर रहे है ,   रोड के किनारे कूड़ा फेककर,नदी नालो मैं कूड़ा फेककर, इस की सुंदरता को बर्बाद कर रहे है।
                               
मेरा  मुनस्यारी वालो से विनम्र निवेदन है की कूड़ा फेके ना ,जो वेस्ट सामान है उसे जल दे। इधर उधर कूड़ा न फेके , अगर आप फेकेंगे तो सभी वही करते है ,
एक उदाहरणं है नंदा देवी मंदिर परिसर इस परिषर को बहुत ही अच्छा रखा आप भी इस तरह आप भी मुनस्यारी को स्वछ रखने का प्रयास करे।

                         ग्रीन मुनस्यारी बनाओ और शुद्ध हवा शुद्ध पानी पाओ।    
                                                                     पातु वैली मुनस्यारी 

पातु वैली ,मुनस्यारी तहसील के अंतर्गत आता है , यह गाँव मुनस्यारी से लगभग १५-१७  किलोमीटर है। १० किलोमीटर तक रोड है और आगे पैदल जाना पड़ता है।  यहाँ राजमा ,आलू ,और अनेक प्रकार की  खेती होती है.
और जंगलो मैं अनेक प्रकार की औषधियों (गन्धरायणी ,कुटकी ,तिमूर , डोल ,कीड़ा जड़ी आदि )  भी पायी जाती है।
 यहाँ न तो अच्छी सड़के है और न ही बिजली,  यहाँ के लोग उजाले के लिये सोलर लाइट का प्रयोग करते है। और जिन के पास सोलर लाइट नही है और वो आज भी टेबल लैंप का प्रयोग करते है। 


अगर कोई बीमार हो जाये तो यहाँ से मुनस्यारी लाने मैं काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
 यहाँ के रास्तों की  भी बहुत ही दुर्दशा है।  

धनतेरश और उत्तराखंड दिवस की हार्दिक शुभकामनायें 
उत्तराखण्ड (पूर्व नाम उत्तरांचल), उत्तर भारत में स्थित एक राज्य है जिसका निर्माण ९ नवम्बर २००० को कई वर्षों के आन्दोलन के पश्चात भारत गणराज्य के सत्ताइसवें राज्य के रूप में किया गया था। सन २००० से २००६ तक यह उत्तराञ्चल के नाम से जाना जाता था। जनवरी २००७ में स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया। राज्य की सीमाएँ उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी हैं। पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश इसकी सीमा से लगे राज्य हैं। सन २००० में अपने गठन से पूर्व यह उत्तर प्रदेश का एक भाग था। पारम्परिक हिन्दू ग्रन्थों और प्राचीन साहित्य में इस क्षेत्र का उल्लेख उत्तराखण्ड के रूप में किया गया है। हिन्दी और संस्कृत में उत्तराखण्ड का अर्थ उत्तरी क्षेत्र या भाग होता है। राज्य में हिन्दू धर्म की पवित्रतम और भारत की सबसे बड़ी नदियों गंगा और यमुना के उद्गम स्थल क्रमशः गंगोत्री और यमुनोत्री तथा इनके तटों पर बसे वैदिक संस्कृति के कई महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थान हैं।

देहरादून, उत्तराखण्ड की अन्तरिम राजधानी होने के साथ इस राज्य का सबसे बड़ा नगर है। गैरसैण नामक एक छोटे से कस्बे को इसकी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भविष्य की राजधानी के रूप में प्रस्तावित किया गया है किन्तु विवादों और संसाधनों के अभाव के चलते अभी भी देहरादून अस्थाई राजधानी बना हुआ है। राज्य का उच्च न्यायालय नैनीताल में है।

राज्य सरकार ने हाल ही में हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये कुछ पहल की हैं। साथ ही बढ़ते पर्यटन व्यापार तथा उच्च तकनीकी वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए आकर्षक कर योजनायें प्रस्तुत की हैं। राज्य में कुछ विवादास्पद किन्तु वृहत बाँध परियोजनाएँ भी हैं जिनकी पूरे देश में कई बार आलोचनाएँ भी की जाती रही हैं, जिनमें विशेष है भागीरथी-भीलांगना नदियों पर बनने वाली टिहरी बाँध परियोजना। इस परियोजना की कल्पना १९५३ मे की गई थी और यह अन्ततः २००७ में बनकर तैयार हुआ। उत्तराखण्ड, चिपको आन्दोलन के जन्मस्थान के नाम से भी जाना जाता है।

                                                                       खलिया टॉप मुनस्यारी 
यह एक सुंदर नजर है बुग्याल पर चरते हुए बकरियो का झुण्ड ,यह फोटो खलिया टॉप पर खींची गयी है , जब अन्वाल ( बकरी चराने वाले ) जोहार से भाबर की तरफ जाते है , हर साल अन्वाल जोहर जाते है और जोहर से गर्म घाटी की तरफ बकरी चराने जाते है ।  
बलाती  फार्म  मुनस्यारी


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