झूलापुल

झूलापुल

गोरीपार जाने का पुराना पुल जो की १६ जून को आयी आपदा मै बह गया था ।
जूलापुल






गरारी पर बैठे माननीय एस डी ऍम सर 

                                                   गरारी पर बैठे माननीय अमर सिंह बुदियल जी 
गोरी पार जाने के लिये  अब  इस गरारी का प्रयोग किया जाता है , जो की बहुत ही खतरनाक है, और बहुत ही  जोखिम भरा काम है ,कई बार गरारी को खीचने पर रस्सी टूट जाती है, जिस से नदी मे गिरने का खतरा बहुत ही ज्यादा हो जाता है और कितने बार तो लोग गिरते गिरते बचे है ,
जून २०१३ में आयी आपदा में झूलापुल आपदा के चपेट मे आ गया और बह गया ,काम चलने के लिये गाव वालो ने एक छोटा सा पुल बनाया था ,लेकिन वह भी बह गया ,अब यह गरारी है गोरीपार वालो का सहारा ,जो के बहुत ही  जोखिम भरा है । गाव के कई लोग इस गरारी के डर से बहुत ही आगे सुरिंग गार अथवा मदकोट से घूम के आते है ,जिसमे ४ घंटा बेकार हो जाता है । अगर कोई काम भी करना हो तो एक दिन मुनस्यारी मे रहना पड़ता है ।
अगर कोई बीमार पड़ जाए तो लोगो को प्रथमिक चिकित्सालय तक आने मे बहुत ही परेशानी होती है ,और जिन लोगो का रोज़ का आना जाना है लगाओ उन को कितनी परेशानी होती होगी ।

आप को जानकार हैरानी होगे की मुनस्यारी माननीय मुख्यमंत्री जी का विधानसभा क्षेत्र है ।

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